बिश्केक: किर्गिजस्तान की राजधानी और सबसे बड़े शहर बिश्केक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। उन्होंने पुतिन से साफ कहा है कि अब युद्ध बहुत हुआ, शांति की तरफ बढ़िए। दरअसल पीएम मोदी, रूस और यूक्रेन युद्ध के बारे में बात कर रहे थे।
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन युद्ध साढ़े चार साल से चल रहा है। लाखों लोग मारे जा चुके हैं। दर्जनों शहर तबाह हो चुके हैं लेकिन न यूक्रेन पीछे हटने को तैयार है और न रूस। इसीलिए आज प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेसीडेंट पुतिन से कहा कि युद्ध से किसी का भला नहीं होता, इसलिए बेहतर होगा कि रूस शांति के बारे में सोचे। युद्ध कैसे खत्म हो, इसके उपाय तलाशे क्योंकि युद्ध का एक-एक दिन पूरी इंसानियत पर भारी पड़ रहा है।
पीएम मोदी ने पुतिन के साथ अपनी तस्वीर एक्स पर पोस्ट की
पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पुतिन के साथ मुलाकात की तस्वीर शेयर की। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर बताया, "राष्ट्रपति पुतिन के साथ विस्तार से बातचीत हुई। भारत-रूस की 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। यह देखकर खुशी होती है कि हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भारत-रूस मित्रता के मुख्य क्षेत्रों में ऊर्जा, इनोवेशन, अंतरिक्ष, उर्वरक और लोगों के बीच आपसी संपर्क शामिल हैं।"
पीएम मोदी ने पुतिन से क्या कहा?
बिश्केक में पीएम मोदी की प्रेसीडेंट पुतिन के साथ लंबी मीटिंग हुई। पीएम मोदी ने पुतिन से साफ कह दिया कि एंडलेस वॉर की जगह अब एंड ऑफ वॉर के बारे में सोचिए। गांधी और बुद्ध का देश भारत यही चाहता है कि दुनिया में शांति हो क्योंकि शांति ही विकास का मार्ग है। युद्ध में बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं मिलता।
इसके अलावा भारत और रूस के बीच आर्थिक साझेदारी, डिफेंस और बिजनेस पर बात हुई। पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि आर्थिक विकास तभी होगा, जब दुनिया में शांति हो।
पुतिन क्या बोले?
पुतिन ने कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, बराबरी की पार्टनरशिप करते हैं इसलिए दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आ रही है। पुतिन ने कहा कि पिछले ही हफ्ते भारत के विदेश मंत्री एस जशयंकर भी मॉस्को आए थे। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों की समीक्षा की गई। भारत और रूस के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। रूस में इंडियन स्टूडेंट्स की संख्या भी बढ़ी है। ये दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का सबूत है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे के हितों को समझते हैं। एक दूसरे का सम्मान करते हैं, बराबरी की डील करते हैं इसीलिए भारत के लोग भी रूस को भरोसेमंद दोस्त मानते हैं।
पुतिन से मुलाकात के पहले ईरान के राष्ट्रपति से मिले थे पीएम मोदी
राष्ट्रपति पुतिन के साथ मीटिंग से पहले मोदी की मुलाकात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी हुई थी। इस मीटिंग में ईरान के राष्ट्रपति ने मोदी से कहा कि भारत चाहे तो मिडिल ईस्ट में भी शांति हो सकती है, भारत की बात अमेरिका भी सुनता है, यूरोपीय मुल्क भी सुनते हैं, इसलिए मोदी को ट्रंप से बात करनी चाहिए, ईरान पर हमले बंद करने को कहना चाहिए। अब सवाल ये है कि क्या वाकई में बिश्केक में पुतिन और पेजेशकियान के साथ मोदी की मीटिंग, दुनिया में शांति का संदेश लाएगी और क्या पुतिन मोदी की बात पर गौर करेंगे, हालांकि ये तो समय ही तय करेगा।
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